हमारे बारे में
अखिल भारतवर्षीय श्री गुर्जरगौड़ ब्राह्मण महासभा की स्थापना सन 1936 में हुई थी| संस्था का पंजीयन सन 1950 में हुआ था| वर्तमान में महा...
अखिल भारतवर्षीय श्री गुर्जरगौड़ ब्राह्मण महासभा
अखिल भारतवर्षीय श्री गुर्जरगौड़ ब्राह्मण महासभा की स्थापना सन 1936 में हुई थी| संस्था का पंजीयन सन 1950 में हुआ था| वर्तमान में महासभा का कार्यालय जोधपुर में स्थित है| महासभा के अन्तर्गत अखिल भारतवर्षीय श्री गुर्जरगौड़ ब्राह्मण महिला महासभा एवं अखिल भारतवर्षीय श्री गुर्जरगौड़ युवक संघ एवं देश के विभिन्न राज्यों में प्रांतीय इकाई भी कार्यरत है| अखिल भारतवर्षीय श्री गुर्जरगौड़ ब्राह्मण महासभा के वर्तमान अध्यक्ष श्री सत्यप्रकाश जी जोशी के नेतृत्व में पुरे देश में समाजोत्थान के विभिन्न कार्यक्रम सफलतापूर्वक चलाये जा रहे है| अध्यक्ष जी ने अपने कार्यकाल के दौरान राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र आदि प्रदेशो का दौरा कर समाज को एक रूप में लाने का प्रयास किया है
हमारा इतिहास
गुर्जर गौड़ ब्राह्मण महासभा एक गौरवशाली सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन है, जिसकी जड़ें हमारी समृद्ध महर्षि गौतम परंपरा, संस्कारों और सामाजिक एकता में निहित हैं। समय के साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में बसे परिवारों को एक सूत्र में जोड़ते हुए महासभा ने संगठन, सेवा और सामाजिक उत्थान की दिशा में निरंतर कार्य किया है। शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवा सहभागिता, सामूहिक विवाह, परिचय सम्मेलन तथा सामाजिक जागरूकता जैसे प्रयासों के माध्यम से महासभा ने समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज हमारी महासभा अपनी गौरवशाली विरासत को संजोते हुए एक सशक्त, शिक्षित, संगठित और प्रगतिशील समाज के निर्माण के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।
हमारा ध्येय
गुर्जर गौड़ ब्राह्मण महासभा का मिशन समाज की एकता, प्रगति और समृद्ध विरासत को सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक सदस्य के सर्वांगीण विकास के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है। हमारा उद्देश्य शिक्षा, संस्कार, सामाजिक सेवा, महिला सशक्तिकरण एवं युवा नेतृत्व को बढ़ावा देना तथा समाज में समानता, सहयोग और जागरूकता की भावना को मजबूत करना है। हम अपनी गौरवशाली परंपराओं और मूल्यों को संरक्षित रखते हुए आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप समाज को संगठित, शिक्षित, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं।
हमारा दृष्टिकोण
गुर्जर गौड़ ब्राह्मण महासभा का दृष्टिकोण एक ऐसे सशक्त, संगठित एवं प्रगतिशील समाज का निर्माण करना है, जो अपनी गौरवशाली परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक युग के साथ निरंतर आगे बढ़े। हमारा संकल्प है कि समाज का प्रत्येक सदस्य शिक्षा, समान अवसर, आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ प्रगति करे तथा युवा शक्ति और नई पीढ़ी समाज के उज्ज्वल भविष्य का नेतृत्व करे। हम एक ऐसे समाज की परिकल्पना करते हैं जो एकता, सेवा, संस्कार और समृद्धि का आदर्श प्रस्तुत करे।